साइकिलिंग
साइकिलिंग से रक्त का संचार बेहतर होता है। ब्लड प्रेशर संतुलित रहता है। वजन कम होता है। खासकर पेट, जांघ, कमर के पिछले हिस्से का वजन घटता है। इससे हड्डियां मजबूत होती हैं। दिल के रोगों से बचाव होता है। ब्लड सर्कुलेशन सही होने, हड्डियों के मजबूत होने और पेट की चर्बी के पिघलने से व्यक्ति उम्र से दस साल तक छोटा लगने लगते हैं।
दिमागी कसरत
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बिना पेन, पेंसिल और कागज का उपयोग किए कैलकुलेशन करें, पहेलियां हल करें। ऐसा करने से दिमाग की सामंजस्य बैठाने की क्षमता बेहतर रहती है। उम्र के साथ मे याददास्त होने वाली कमी रकती है। जॉक करते समय ऐसा करने से म पर प्रभाव और बेहतर होता है।
वॉकिंग
यह एक सामान्य एक्सरसाइज जरूर लगती है, लेकिन एक तरह की वेटलिफ्टिंग गतिविधि भी है। असल में जब आप बॉक करते हैं तो अपने आसपास के प्राकृतिक गुरुत्वाकर्षण से भी मुकाबला करते हैं। न इससे आपकी हड्डियों और मांसपेशियों र दोनों को फायदा होता है। और पूरे शरीर से की कार्यक्षमता बढ़ती है।
हाई इम्पैक्ट मूवमेंट
रस्सी कूदना, जंपिंग जैक और स्किपिंग इस कैटेगरी में आते हैं। इससे हड्डियों का घनत्व बढ़ता है। और शरीर में स्फूर्ति व संतुलन भी बढ़ता है। इस तरह की गतिविधियों में हार्ट बीट तेजी से बढ़ती है। कैलोरी भी तेजी से बन होती है। इस दौरान शरीर के वजन के लगभग 2.5 गुना के बराबर चल पैदा होता है, जो आपके जोड़ो, लिगामेंट्स पर ने दबाव डालता है, इसलिए इसे करते समय सावधानी रखें।
हाथ व पैरों को क्रॉस करना
इसमें आप शरीर के मध्य भाग को विपरीत दिशा में ले जाने की कोशिश करते हैं। इससे खिंचाव पैदा होता है और मांसपेशियों के निर्माण में मदद मिलती है। इससे मस्तिष्क के दाएं और बाएं हिस्से में कम्युनिकेशन बेहतर होता है। मस्तिष्क की कार्यप्रणाली भी मजबूत होती है।
प्लैंक
यह पूरे शरीर के संतुलन को बेहतर करती है। कोर मसल्स को मजबूत बनाती है। बॉडी पॉश्चर को ठीक करती है, जिससे पीठ की चोटों का खतरा कम होता है। मेटाबॉलिज्म ठीक होता है। मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है।
रिएक्शन ट्रेनिंग
रिएक्शन ट्रेनिंग में खेल गतिविधियां आती हैं। जैसे बैडमिंटन, क्रिकेट, टेबल टेनिस, टेनिस खेलना। या जुम्बा जैसी एक्सरसाइज में शामिल होना। यह गतिविधियां शरीर के रिएक्शन टाइम को ठीक करती हैं। चौकन्ने रहने की क्षमता को बढ़ाती है।
पंजों के बल खड़े रहना
यह एक्सरसाइज पिंडलियों की मांसपेशियों के लिए है। इससे पिंडलियों को बेहतर आकार मिलता है। पिंडलियों का सीधा संबंध पेट से होता है। यह आपके पैरों से की जाने वाली एक्सरसाइज की क्षमता को बढ़ाता है।
सीढ़ियां चढ़ना
यह आसान एक्सरसाइज, लेकिन आपके शरीर के पूरे निचले हिस्से की सभी मांसपेशियों पर काम करती है। इसमें पिंडली, ग्लूट्स, क्वाड्रिसेप्स और हैमस्ट्रिंग शामिल हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि यह एक्सरसाइज आपकी हड्डियों और जोड़ को मजबूत करती है।
रेजिस्टेंस ट्रेनिंग
यह मांसपेशियों की ताकत बढ़ाता है। आपकी सहनशक्ति के स्तर में सुधार करता है। इस तरह की एक्सरसाइज में वेट लिफ्टिंग, बार, डम्बल आते हैं। यह सर्वश्रेष्ठ एंटी एजिंग एक्सरसाइज है l
18 की उम्र तक : एक घंटे खेल, 8 घंटे नींद जरूरी
एक्सरसाइज : उम्र 5-17 साल है तो रोज करीब 60 मिनट एक्सरसाइज करनी चाहिए। छोटे बच्चे फिट रहने के लिए खेलें- कूदें जबकि टीनएजर हल्की एक्सरसाइज और परिश्रम करें।
डाइट : यही वो उम्र है जब शरीर विकसित होता है। इस उम्र में रोज के भोजन में 40 से 65% कार्ब्स, 10 से 25% प्रोटीन और 15 से 35% फैट लेना चाहिए। प्रोटीन के रूप में मीट, अंडा, बीन्स, नट्स, सीड्स, सोया, पोल्ट्री फूड दे सकते हैं। वहीं फैट में फिश, योगर्ट अच्छे विकल्प हैं। कार्ब्स में होल ग्रेन ब्रेड, ब्राउन राइस, फल-सब्जियां दे सकते हैं। बच्चे बहुत खेलते हैं इसलिए हाइड्रेट रहने के लिए समय-समय पर छाछ,नींबू पानी, नारियल पानी दें।
नींद: इस उम्र में 8 से 10 घंटे की नींद जरूरी होती है।
18-64 साल : हफ्ते में 5 घंटे एक्सरसाइज जरूर करें
एक्सरसाइज : 150 से 300 मिनट की
मॉडरेट कसरत हर सप्ताह करनी चाहिए। डाइट : 35-40 की उम्र के बाद हड्डियां कमजोर पड़ने लगती हैं। कैल्शियम की अधिक जरूरत होती है। इसलिए ब्रोकली, संतरा, हरी पत्तेदार सब्जियां, दूध को भोजन में शामिल करना चाहिए। डेयरी प्रोडक्ट्स : अधिक लें। साथ ही ऐसी चीजों का सेवन करें जिससे फाइबर मिल सके। जैसे फल, सब्जियां, जौ, ओट्स, मोटा अनाज ये पाचन ठीक रखती हैं।
नींद 60 की उम्र तक 7 घंटे की नींद पर्याप्त मानी जाती है। जबकि 61 से 65 के बीच 7 से 8 घंटे की नींद जरूरी है।
65 वर्ष से ज्यादा रोज 30 ग्राम ड्रायफ्रूट्स से बढ़ती है उम्र
एक्सरसाइज : सप्ताह में पांच दिन 150
मिनट की हल्की कसरत काफी है। शरीर में पहले जैसी फुर्ती नहीं रहती इसलिए दौड़- भाग और सख्त कसरत से बचना चाहिए। डाइट : शरीर विटामिन और मिनरल्स को एब्जार्व करने में कमजोर हो जाता है। जबकि दवाओं के कारण भी पोषक तत्वों को एब्जार्व करने की क्षमता घटती है। भूख कम हो सकती है। कोशिश करें कि करीब 30 ग्राम ड्रायफ्रूट रोज ले सकें। कम से कम 7 150 मिलीलीटर फ्रूट जूस लें। विटामिन बी 12 भी इस उम्र में महत्वपूर्ण है। इससे रेड न ब्लड सेल्स बनती हैं।
नींद: 65 साल या इससे अधिक उम्र के न बुजुगों को 7 से 8 घंटे तक सोना चाहिए।
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